आज करो कल नहीं आज करो कल नहीं
शून्य से शुरू होगा फिर एक बार संसार शून्य से शुरू होगा फिर एक बार संसार
यह प्यारी सौगात, छंद यह सबसे न्यारा दोहा-रोला एक, मिलाकर बनता प्यारा यह प्यारी सौगात, छंद यह सबसे न्यारा दोहा-रोला एक, मिलाकर बनता प्यारा
. .
किस ओर चली गयी मानव प्रवृत्ति, सुखमय जीवन से विलासी निवृत्ति। किस ओर चली गयी मानव प्रवृत्ति, सुखमय जीवन से विलासी निवृत्ति।
माता पिता हमारे भगवन प्रातः उठ करें उन्हें नमन । माता पिता हमारे भगवन प्रातः उठ करें उन्हें नमन ।